ऑडिशन के वक्त ही रिजेक्ट हो गए थे अरुण गोविल, लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील को चुना गया था शत्रुघ्न के रोल के लिए
टीवी डेस्क. कोरोनावायरस की वजह से चल रहे लॉकडाउन के बीच सरकार ने एकबार फिर दूरदर्शन पर 'रामायण' के प्रसारण का फैसला किया है। जो कि शनिवार (28 मार्च) से शुरू होगा। इस सीरियल में राम, सीता और लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले कलाकार हाल ही में कपिल शर्मा शो में नजर आए थे जहां उन्होंने इससे जुड़ी अपनी कई यादें और किस्से शेयर किए थे। शो में 'राम' बने अरुण गोविल ने बताया था कि इस किरदार के लिए उन्हें पहले ऑडिशन के बाद ही रिजेक्ट कर दिया गया था, लेकिन बाद में हुआ वही जो ऊपरवाले ने चाहा।
अपने सिलेक्शन के किस्से को याद करते हुए अरुण गोविल ने शो में बताया था कि 'मैंने सागर कैंप के साथ 'विक्रम-बेताल' किया था, इसके बाद मैंने एक फिल्म की 'आग'। फिर मुझे पता चला कि रामानंद सागर साहब 'रामायण' बनाने जा रहे हैं तो मुझे लगा कि मुझे राम का रोल करना चाहिए। इसके बाद मैं खुद उनके पास गए और मैंने उनसे कहा कि मुझे रामजी का रोल करना है, तो पहले उन्होंने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और फिर वक्त आने पर बताने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया और उसी वक्त रिजेक्ट कर दिया। लेकिन कुछ दिनों बाद एक दिन उनका फोन आया और उन्होंने मुझे घर बुलाकर कहा कि हमारी जो सिलेक्शन कमेटी है, उसका कहना है कि हमें तुम्हारे बराबर राम नहीं मिल रहा और इस तरह मुझे वो रोल मिल गया।'
दीपिका को भी देने पड़े थे कई ऑडिशन
सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने भी शो पर अपनी कास्टिंग का किस्सा बताया। उन्होंने कहा, 'उस वक्त मैं उनके (रामानंद सागर) साथ 'विक्रम और बेताल' कर ही थी, जिसकी शूटिंग उनके बंगले पर ही होती थी। एक दिन मैंने देखा कि वहां कुछ बच्चे उछल कूद कर रहे हैं। मुझे लगा कि घर की किसी भाभी ने बच्चों को पढ़ाने के लिए बुलाया होगा, लेकिन फिर मुझे पता चला कि वहां 'रामायण' की शूटिंग के लिए 'लव-कुश' के ऑडिशन चल रहे हैं। इसके कुछ दिनों बाद मुझे पापाजी (रामानंदजी) का फोन आया कि कुड़ी तू भी आ जा सीता के रोल के लिए ऑडिशन कर लेते हैं। मैंने उनसे कहा कि मैं आपके साथ पहले से दो-तीन सीरियल कर रही हूं, इसके बाद भी ऑडीशन लेना है। तब उन्होंने कहा कि सीता ऐसी लगनी चाहिए कि मुझे इंट्रोड्यूस ना करना पड़े। वो जब बहनों के साथ चले ना तो ऑडियंस खुद पहचान लें कि वो सीता है। इसके बाद मुझे चार-पांच स्क्रीन टेस्ट देने पड़े और आखिरी टेस्ट के बाद मेरा सेलेक्शन हुआ था।'
पहले शत्रुघ्न बनने वाले थे सुनील लहरी
लक्ष्मण का रोल करने वाले सुनील लहरी ने अपना किस्सा सुनाते हुए कहा, 'मैं भी रामानंद सागर कैंप में 'विक्रम बेताल' और 'दादा दादी' सीरियल में काम कर चुका था। एक दिन प्रेम सागर ने मुझे ऑडिशन देने के लिए बुलाया और मेरा सेलेक्शन शत्रुघ्न के किरदार के लिए हो गया। वहीं लक्ष्मण के रोल के लिए उन दिनों मेरे अच्छे दोस्त रहे शशि पुरी जी का सिलेक्शन हुआ था। लेकिन किसी वजह से उन्होंने इस रोल को करने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रेम सागर जी ने मुझे लक्ष्मण का रोल करने के लिए कहा। मैंने शशि पुरी से इस बारे में पूछा तो उन्होंने मुझसे कहा कि ये रोल मैं नहीं कर रहा, इसलिए कोई और करे उससे अच्छा तू कर ले। इसके बाद मुझे ये रोल मिला।'
सुग्रीव ने नहीं बोला था एक भी डायलॉग
इस शो में रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने सुग्रीव के किरदार से जुड़ा एक मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि हनुमान का रोल तो दारासिंह कर रहे थे, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी सुग्रीव के रोल के लिए उनके जैसे डीलडौल वाले किसी कलाकार को ढूंढ रहे थे। शूटिंग में 5-6 दिन रह गए थे। उन दिनों हम उमर गांव के जंगलों में रात को 2-3 बजे लाइट लगाकर शूटिंग कर रहे थे। लाइट बंद होने के बाद हमें दूर एक विशालकाय शरीर दिखाई दिया, जिसे देख हम सब डर गए। वो दौड़ता हुआ हमारी तरफ आया और आते ही पिताजी के चरणों में गिर पड़ा। जब पिताजी ने उससे पूछा कि तुम कौन हो तो उसने बताया कि मैं सुग्रीव हूं, इंदौर से आया हूं और पहलवानी करता हूं। पिताजी ने जब उससे पूछा कि तुम्हें डायलॉग आते हैं, तो उसने मना कर दिया। इसके बाद उससे कहा गया कि तुम जो अखाड़े में बोलते थे वही बोलो। इसके बाद सीरियल में सुग्रीव का बोला एक डायलॉग नहीं था, उसकी आवाज को दबाकर सब डब कर दिया गया था।
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