दूरदर्शन ने 1982 से शुरू की थी अपने रंगीन प्रसारण की टेस्टिंग, चैनल ने ऐतिहासिक दिन को किया याद
25 अप्रैल का दिन दूरदर्शन के इतिहास में बहुत मायने रखता है। 1982 में यही वो दिन था, जब चैनल ने पहली बार रंगीन प्रसारण की टेस्टिंग शुरू की थी। दूरदर्शन ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से इस दिन को याद किया है। चैनल की ओर से एक वीडियो जारी करते हुए लिखा गया है, "सत्यम शिवम सुंदरम' उस साल यह दिन। 25 अप्रैल 1982 को दूरदर्शन ने भारत के पहले कलर टेलीकास्ट के टेस्ट रन की शुरुआत की थी।"
दूरदर्शन का संक्षिप्त इतिहास
15 सितंबर 1959 में दूरदर्शन (जो 1975 नाम में दिया गया) की स्थापना एक परिक्षण के तौर पर की गई थी। उस समय सप्ताह में तीन दिन आधे-आधे घंटे का प्रसारण किया जाता था और इसे टेलीविज़न इंडिया के नाम से जाना जाता था। 1965 में ऑल इडिया रेडियो के एक हिस्से के रूप में इसका दैनिक प्रसारण शुरू हुआ और 5 मिनट के न्यूज बुलेटिन की शुरुआत की गई, जिसे प्रतिमा पुरी पढ़ती थीं। 1967 में सलमा सुलतान ने दूरदर्शन ज्वॉइन किया और न्यू एंकर बनीं।
1972 से 1975 तक दूरदर्शन की पहुंच देश के सिर्फ सात शहरों में थी। 1 अप्रैल 1976 को टीवी सर्विस रेडियो से अलग हुई। नई दिल्ली में अलग-अलग डायरेक्टर जनरल ने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन का मैनेजमेंट संभालना शुरू किया। 1982 में दूरदर्शन नेशनल ब्रॉडकास्टर बन गया। 1982 में नेशनल टेलीकास्ट यानी डीडी नेशनल को इंट्रोड्यूस किया गया। 15 अगस्त 1982 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के भाषण के लाइव टेलीकास्ट के साथ कलर टेलीविज़न की शुरुआत की गई। 2014 में दूरदर्शन के डायरेक्टर जनरल विजयलक्ष्मी छाबड़ा ने इसे नया स्लोगन 'देश का अपना चैनल' दिया।
तीन स्तरीय सेवाएं देता है दूरदर्शन
दूरदर्शन की तीन स्तरीय कार्यक्रम सेवाएं हैं - राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय। राष्ट्रीय कार्यक्रम पूरे देश के लिए घटनाओं और हितों के मुद्दों पर जोर देते हैं। इन कार्यक्रमों में समाचार, करंट अफेयर्स, पत्रिका कार्यक्रम और विज्ञान, कला, संस्कृति, पर्यावरण, सामाजिक मुद्दे, धारावाहिक, संगीत, नृत्य, नाटक और फीचर फिल्मों पर वृत्तचित्र शामिल हैं।
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