अमिताभ बच्चन ने गाई पिता की लिखी पंक्तियां, वीडियो शेयर कर लिखा- इन अकेली घड़ियों में बाबूजी और उनकी कविता को याद करता हूँ

लॉकडाउन के इस दौर में महानायक अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव हैं और रोजाना कुछ ना कुछ नया शेयर कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने अपना एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे अपने पिता हरवंशराय बच्चन की कविताओं का पाठ सुनाते नजर आ रहे हैं। करीब 4 मिनट के इस वीडियो में उन्होंने कविता को गाकर भी सुनाया।

इस वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'इन अकेली घड़ियों में, मैं बाबूजी और उनकी कविता को याद करता हूँ, जो आशा भरी हैं, शक्ति सम्पूर्ण । गाने की धुन बिलकुल वैसी है जैसे बाबूजी कवि सम्मेलनों में गा के सुनाया करते थे। मैं उनके साथ होता था।'

संगीत के साथ पठन भी किया

इस वीडियो में अमिताभ अपने पिता की कविताओं की किताब, 'बच्चन रचनावली' को पढ़ते और उसके पन्ने पलटते नजर आ रहे हैं। करीब 4 मिनट के इस वीडियो में शुरुआती 31 सेकंड सिर्फ संगीतसुनाई देता है, इसके बाद महानायक की आवाज में 'है अंधेरी रात पर, दीया जलाना कब मना है...'सुनाई देना शुरू होती है। जिसके बोल इस तरह हैं...

"है अंधेरी रात पर, दीया जलाना कब मना है...
क्या घड़ी थी एक भी चिंता नहीं थी पास आई,
कालिमा तो दूर छाया भी पलक पर थी न छाई
आंख से मस्ती झपकती, बात से मस्ती टपकती,
थी हंसी ऐसी जिसे सुन बादलों ने शर्म खाई,
वो गई तो ले गई उल्लास के आधार मानक,
पर अधीरता के समय भी मुस्कुराना कब मना है।

है अंधेरी रात पर, दीया जलाना कब मना है..."

"क्या हवाएं थीं कि उजड़ा प्यार का वो आशियाना,
कुछ ना आया काम तेरा, शोर करना गुल मचाना
नाश की उन शक्तियों के साथ चलता जोर किसका,
किंतु ए निर्माण के प्रतिनिधि तुझे होगा बताया,
जो बसे हैं वो उजड़ते हैं प्रकृति के जड़ नियम से,
पर किसी उजड़े हुए को फिर बसाना कब मना है
है अंधेरी रात पर, दीया जलाना कब मना है..."



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
लॉकडाउन के दौरान अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव हैं, और पिता की कई कविताएं शेयर कर रहे हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3c6WRYR

Comments

Popular posts from this blog

ऐश्वर्या राय के इस गाने पर नुसरत फतह अली खान के फैन हुए नाराज......