फरहान ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कहा- चेहरों पर अपने मास्क पहन रहे हो तो जिंदा हो तुम
फरहान अख्तर ने एक बार फिर अपनी 'जिंदा हो तुम' कविता को फेमस कर दिया है। इस बार फरहान इसे कोरोना वर्जन का नाम दिया है। और इसे एडिट करके अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। वीडियो में फरहान खुद यह कविता पढ़ते नजर आ रहे है। एडिटिंग के बाद इसकी शुरुआत कुछ इस तरह हो रही है-चेहरों पर अपने मास्क पहन रहे हो तो जिंदा हो तुम।
जिंदगी न मिलेगी दोबारा में थीं ये पंक्तियां : ये ओरिजनल कविता साल 2011 में रिलीज हुई फिल्म जिंदगी न मिलेगी दोबारा में भी फरहान ने अपनी आवाज में सुनाई थी। इस फिल्म का डायरेक्शन उनकी बहन जोया अख्तर ने किया था। फिल्म में उनके अलावा ऋतिक रोशन, अभय देओल, कटरीना कैफ, कल्कि भी थीं।
ये थीं असली कविता : दिलों में तुम अपनी बेताबियांलेके चल रहे हो तोजिंदा हो तुम,नज़र में ख़्वाबों की बिजलियां लेके चल रहे हो तोजिंदा हो तुम, हवा के झोंकों के जैसे आजाद रहना सीखो,तुम एक दरिया के जैसे लहरों में बहना सीखो, हर एक लम्हे से तुम मिलो खोले अपनी बाहें,हर एक पल इक नया समां देखें यह निगाहें,जो अपनी आंखों में हैरानियांलेके चल रहे हो तोजिंदा हो तुम,दिलों में तुम अपनी बेताबियांलेके चल रहे हो तोजिंदा हो तुम...।
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