पालघर केस में अनुराग ने लगाया साम्प्रदायिक होने का आरोप, अशोक पंडित बोले- बच्चों की तरह शिकायत बंद करो
महाराष्ट्र के पालघर में हुई मॉब लिंचिंग मामले को लेकर फिल्ममेकर अशोक पंडित और अनुराग कश्यप ट्विटर पर एक-दूसरे के सामने आ गए। दरअसल, रविवार को पालघर के गड़चिनचले गांव में दो साधुओं समेत तीन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें 'मार शोएब मार' जैसे शब्द सुनाई दे रहे हैं। घटना को हिंदू-मुस्लिम का एंगल न देने की अपील कर रहे अनुराग को अशोक ने यही वीडियो देखने की सलाह दी थी। जवाब में अनुराग ने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए अशोक की शिकायत की और मामले को साम्प्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। इस पर अशोक ने उन्हें चेतावनी दी कि वे बच्चों की तरह शिकायत करना बंद करें।
ऐसे चला दोनों का ट्वीट वॉर
फिल्ममेकर और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर मनीष मूंदरा ने घटना को लेकर ट्विटर पर लिखा था, "मैं स्तब्ध हूं। दो इंसानों को पीट-पीटकर मार डालते कई नरभक्षियों को देखकर। मगर मैं चुप रहूंगा...मगर सुनना चाहूंगा उन तथाकथित सेक्युलर आवाजों को, उनकी भर्त्सना को।" इस पर अनुराग ने रिएक्शन दिया था, "इसमें हिंदू-मुसलमान एंगल न ढूंढें। रिपोर्ट पढ़ें। लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनकी निंदा तो करेंगे ही, जो उस भीड़ में थे। लेकिन उससे ज्यादा निंदा उस माहौल की करूंगा, जो इस देश में बनाया जा चुका है। जिसका यह सीधा नतीजा है।"

अशोक पंडित की मुंबई पुलिस से शिकायत
अनुराग के इस रिएक्शन पर अशोक पंडित ने जवाब देते हुए लिखा, "वीडियो देख लें। मारने वाले का नाम शोएब है! अगर मौलवी होता और मारने वाले का नाम अनुराग होता तो तुमने आरएसएस, बजरंग दल के नाम से बिल फाड़ दिया होता और सड़क पर हिंदू टेरर चिल्लाते हुए नजर आते।" इस पर उन्होंने पंडित पर साम्प्रदायिक होने का आरोप लगा दिया। उन्होंने ने मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी को टैग करते हुए लिखा, "कृपया नोट करें। अफवाह फैलाई जा रही है और पालघर घटना को साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है।"


अशोक पंडित बोले- धमका रहे हो क्या?
अनुराग के ट्वीट पर जवाब देते हुए अशोक ने लिखा, "धमका रहे हो क्या? सवाल पूछने का हक सिर्फ तुम्हारे पास है क्या? ये डेमोक्रेटिक कंट्री है और सवाल पूछना मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है। बच्चों की तरह शिकायत बंद करो।"

गौरतलब है मॉब लिंचिंग में शिकार हुए तीनों लोग एक साथी के अंतिम संस्कार में शामिल होने कांदिवली से सूरत जा रहे थे। वे लॉकडाउन के बीच वे 120 किमी का सफर तय कर चुके थे। गड़चिनचले के पास वन विभाग के एक गार्ड ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद वह गांव के रास्ते गुजरात जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान वे वहां फंस गए। अफवाह फैला दी गई कि ये लोग चोर हैं और भीड़ ने इन्हें पीटना शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें वारदात के दौरान कुछ पुलिसवाले भी वहां खड़े हुए नजर आ रहे हैं।
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