अनुपम बोले- कोरोना के समय में डर स्वाभावित, लेकिन नियमों का पालन करें तो संक्रमित होने के चांस बेहद कम
अनुपम खेर ने ट्विटर पर अपनी सीरीज 'कन्वर्सेशन विद मायसेल्फ' में कोरोनावायरस के डर को लेकर बात की। उन्होंने अपने एक पहचान वाले आदमी की कहानी के जरिए समझाया कि यह ऐसा दौर है, जब लोग महामारी को लेकर भयभीत हो सकते हैं। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसके कैप्शन में लिखा है, "कोरोनावायरस के समय में इस बीमारी के लक्षण महसूस करना स्वाभाविक है। लेकिन अगर हम घर में रहने और हाथ धोने जैसे नियमों का पालन करते हैं तो संक्रमित होने के चांस बेहद कम हैं। हां शक की बीमारी ऐसे मौके पे स्वाभाविक है।"
निर्देशों का पालन करें तो कोरोना नहीं हो सकता
वीडियो में अनुपम बता रहे हैं कि उनसे उनके एक जान-पहचान वाले शख्स ने पूछा कि क्या उन्हें डर नहीं लगता, क्योंकि वे हमेशा पॉजिटिव और प्रेरणादायक वीडियो बनाते हैं। जब उन्होंने इसके पीछे की वजह पूछी तो उस आदमी ने बताया कि जब भी उसे बुखार जैसी हरारत या गले में खरास होती है तो वह डरने लगता है कि कहीं उसे कोरोनावायरस तो नहीं हो रहा? इस पर अनुपम ने उसे समझाया कि अगर आप बचाव के पूरे दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं तो आपको कोरोनावायरस नहीं हो सकता।
अनुपम बोले- मुझे भी डर लगता है
अनुपम यह भी बता रहे हैं कि डर उन्हें भी लगता है। कभी-कभी जब हाथ-पैर दर्द होते हैं या हरारत महसूस होती है या गले में खरास होती है तब डर लगता है। दिन में एक-दो बार थर्मामीटर से खुद को चैक भी करते हैं। उनके मुताबिक, ये बहुत स्वाभाविक बातें हैं। वे कह रहे हैं, "जब कोरोनावायरस नहीं आया था, तब ये लक्षण हमें आते थे। लेकिन हमारा सीधा ध्यान यहां नहीं जाता था। लेकिन मैं बाहर नहीं जाता और हाथ धोता रहता हूं। इसलिए यह डर तो मन से निकाल दो।"
उन्होंने आगे कहा, "यह तो मानवीय पृकृति है कि शक हो सकता है कि कहीं कुछ हो तो नहीं रहा। यह सबको होता है। हम सबको यह शक की बीमारी तो थोड़ी-थोड़ी हो ही सकती है। लेकिन कोई नियमों का पालन करे तो उनको ये सब नहीं हो सकता। बस पॉजिटिव सोचिए। जब डर लगे तो हाथ धोलो। जब डर लगे तो थोड़ा भगवान को याद कर लो। जब डर लगे तो बोलो कि नहीं डरने की कोई बात नहीं, सब ठीक हो जाएगा"
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