कपूर फैमिली की 4 पीढ़ियों का इलाज करते आए डॉक्टर ओपी कपूर बोले, 5 साल पहले ऋषि रिपोर्ट लेकर आए और कहा-'अंकल लिवर खत्म है'

लंबे समय तक राेमांटिक औरसदाबहार अदाकार रहे ऋषि कपूर अब नहीं रहे। वे 67 साल के थे। बेबाक और जिंदादिल ऋषि दाे साल से ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) से जूझ रहे थे। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को ही इरफान खान भी कैंसर की वजह से दुनिया छोड़ गए थे।


ऋषि की बेटी रिद्धिमा दिल्ली में थीं, जो लॉकडाउन में चार्टर्ड प्लेन की इजाजत नहीं मिलने पर अंत्येष्टि में शामिल नहीं हो पाईं। वह 1,400 किमी लंबे सड़क मार्ग से ही मुंबई रवाना हाे गईं। ऋषि का पार्थिव शरीर अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले जाया गया। 20 करीबी लोगों की मौजूदगी में शाम करीब 4 बजे विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया। ऋषि को 2018 में कैंसर पीड़ित होने का पता चला था। उन्होंने एक साल तक न्यूयाॅर्क में उसी अस्पताल में इलाज कराया था, जहां उनकी बहन ऋतु का इलाज हुआ था।कपूर फैमिली की 4 पीढ़ियों का इलाज करते आए डॉक्टर ओपी कपूर ने भास्कर से बातचीत में कपूर परिवार के बारे में कई बातें शेयर कीं।

पैरी पौना तो ऋषिही करते थे: ओपी कपूर

‘मैंने कपूर खानदान में तीन पीढ़ियों की मौतें देख ली हैं। मैं 92 साल की उम्र में यह देखने के लिए जिंदा ही क्यों हूं? 5 साल पहले जब ऋषिलिवर की रिपोर्ट्स लेकर आए तो बहुत डरे हुए थे। कहने लगे- अंकल! डॉक्टर बोल रहा है कि लिवर खत्म है। मैं उन्हें ठाणे ले गया। वहां लिवर टेस्टिंग की एडवांस टेक्नोलॉजी थी। टेस्ट हुए, पर ऐसी कोई बात नहीं थी। ऋषि खुश हुए और मुझे जोर से झप्पी डाल ली। मैंने कहा- ऋषिकम पिया करो, कम खाओ, फैट कम करो। पर, पीना और पंजाबी खाना कपूर खानदान की कमजोरी रही है। ऋषितो हद थे। हालांकि, राजकपूर और शम्मी भी ऐसे ही थे। इन्हें आलू परांठे, गोभी परांठे, बटर चिकन, तंदूरी चिकन, शराब चाहिए ही। ऋषि रेगुलर जिम जाते थे, तब भी...।


ऋषिहमेशा अच्छे व्यवहार के लिए याद रहेंगे। कपूर खानदान में इस वक्त सिर्फ ऋषिथे, जो सबसे ज्यादा वेल बिहेव्ड थे। वे जब भी मिलते, झुककर पैरी पौना (चरण स्पर्श) बोलते। कई साल पहले उन्हें अपनी कुछ रिपोर्ट्स दिखानी थी तो मैंने उन्हें रॉयल वेलिंग्टन स्पोर्ट्स क्लब बुलाया। मैं मीटिंग में था, ऋषिधड़ाक से अंदर आकर पैर छूकर जोर से बोले- पैरी पौना अंकल...। वहां सब हैरान रह गए। आजकल के लोग तो बस थोड़ी सी कमर झुका देते हैं। पैरी पौना तो बस ऋषिही करते थे। ऋषिराजकपूर को सर बोलते थे। मैंने कभी पापा कहते नहीं सुना।


मैंने पृथ्वीराज कपूर का भी इलाज किया है। जब पृथ्वीराज को बताया कि कैंसर है, तो उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं आई। पूछने लगे- मर जाऊंगा मैं? मैंने कहा- अभी नहीं। फिर कहने लगे- मेरी वजह से कोई प्रोड्यूसर नहीं मरना चाहिए। तब वे 17 फिल्में कर रहे थे। एक-एक कर सारी फिल्में पूरी कीं। उनके बाद ऋतु कैंसर की वजह से दुनिया छोड़ गईं। अब ऋषि को भी यही बीमारी निगल गई।



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रणबीर कपूर, ओपी कपूर, ऋषि कपूर और रणधीर कपूर


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