कोरोना से उबर चुके 'फॉरेस्ट गंप' एक्टर टॉम हैंक्स ने डोनेट किया प्लाज्मा, सोशल मीडिया पर शेयर की फोटो
ऑस्कर विजेता एक्टर टॉम हैंक्स और उनकी पत्नी रीटा विल्सन कोरोनावारयस से पूरी तरह उबर चुके हैं। यहां तक की दोनों ने स्वस्थ्य होकर टीवी पर वापसी कर ली है। टॉम ने बुधवार को कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाला प्लाज्मा डोनेट किया। एक्टर ने इस बात की जानकारी एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने अपने प्लाजमा का एक फोटो भी शेयर किया है।
टॉम ने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर लिखा- 'पिछले हफ्ते का प्लाज्मा बैग, पेपरवर्क के बाद यह नींद लेने जितना आसान था'। टॉम और रीटा की कोरोना रिपोर्ट मार्च में पॉजिटिव आई थी। एक्टर ऑस्ट्रेलिया में एल्विस प्रिस्ले की बायोपिक की शूटिंग करने पहुंचे थे। कपल ने अपने संक्रमित होने की जानकारी भी सोशल मीडिया पर ही दी थी। इसके बाद क्वारैंटाइन में रहे सेलेब्स अपने ऑफीशियल हैंडल्स पर हेल्थ अपडेट देते रहे हैं। टॉम ने साल 1994 में आई फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ में भी मुख्य किरदार निभाया था। आमिर खान टॉम की इसी फिल्म की हिंदी रीमेक ‘लाल सिंह चड्ढा’ के नाम से बना रहे हैं।
टीवी पर लौटे दोनों स्टार्स
टॉम ने बीमारी के कारण ब्रैक लेने के बाद पहली बार टीवी शो होस्ट किया था। उन्होंने मशहूर सटर्डे नाइट लाइव शो होस्ट किया। हालांकि महामारी के कारण यह शो बिना लाइव ऑडियंस के शूट किया गया था। वहीं, रीटा ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने अनुभव साझा किए थे। रीटा के मुताबिक उन्हें और टॉम को अब तक यह नहीं पता कि, दोनों कोरोनावायरस का कैसे हो गए। हालांकि आइसोलेशन से जाने से पहले कपल ने पांच दिन ऑस्ट्रेलिया के अस्पताल में बिताए। फिलहाल दोनों कोरोना से उबर चुके हैं और सार्वजनिक तौर पर सामने आ रहे हैं।
क्या होता है प्लाज्मा?
खून में मुख्यत चार चीजें होती हैं। रेड ब्लड सेल, व्हाइट ब्लड सेल, प्लेटलेट्स व प्लाज्मा। यह प्लाज्मा खून का तरल हिस्सा होता है, जिसके जरिए एंटीबॉडी शरीर में भ्रमण करते हैं। यह एंटीबॉडी संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति के खून में मिलकर रोग से लड़ने में मदद करती है। हालांकि इस थैरेपी से कोरोना के मरीज ठीक होने के पुख्ता प्रमाण नहीं है, लेकिन स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण में इसका सफल प्रयोग हो चुका है।
क्या है यह थैरिपी?
कोरोना से पूरी तरह ठीक हुए लोगों के खून में एंटीबॉडीज बन जाती हैं, जो उसे संक्रमण को मात देने में मदद करती हैं। प्लाज्मा थैरेपी में यही एंटीबॉडीज, प्लाज्मा डोनर यानी संक्रमण को मात दे चुके व्यक्ति के खून से निकालकर संक्रमित व्यक्ति के शरीर में डाला जाता है। डोनर और संक्रमित का ब्लड ग्रुप एक होना चाहिए। प्लाज्मा चढ़ाने का काम विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाता है।
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