टीवी एक्टर शार्दुल पंडित के पास 8 महीने से नहीं काम, डिप्रेशन की हालत में हुए घर लौटने को मजबूर
'बंदिनी', 'गोद भराई', 'कितनी मोहब्बत है 2' और 'कुलदीपक' जैसे सीरियल में नजर आए शार्दूल कुणाल पंडित डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। वे मुंबई छोड़ अपने होम टाउन इंदौर लौट आए हैं। अभिनेता ने यह खुलासा एक बातचीत में किया। उनके मुताबिक, वे मुंबई नहीं छोड़ना चाहते थे, लेकिन हालात कुछ ऐसे बने कि उन्हें वहां सर्वाइव करना मुश्किल हो गया।
8 महीने से काम से बाहर हैं शार्दूल
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में शार्दूल ने बताया कि हेल्थ प्रॉब्लम के चलते वे 8 महीने से काम से बाहर चल रहे हैं। वे कहते हैं, "तीन बार पीलिया होने के चलते मैं करीब सालभर से अस्वस्थ हूं। इसकेचलते रियलिटी शो 'मुझसे शादी करोगे' मेरे हाथ से निकल गया।"
वे आगे कहते हैं, "लॉकडाउन के पहले मुझे एक वेबसीरीज भी ऑफर हुई थी, लेकिन मैं नहीं जानता कि उस मोर्चे पर क्या हो रहा है। पहले से ही आर्थिक तंगी से गुजर रहा था और मेरी बचत भी इन तीन महीनों (लॉकडाउन के) में खर्च हो चुकी थी।"
खराब सेहत और असफलताओं ने डिप्रेशन में पहुंचाया
शार्दूल की मानें तो पेशेवर असफलताओं और खराब सेहत का असर उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ा। वे बताते हैं, "रिजेक्शन, असफलताओं, लंबी बीमारी और दोस्तों द्वारा अलग-थलग किए जाने के कारण मैं डिप्रेशन में चला गया था।"
उन्होंने बताया, "मैंने नवंबर 2019 में एक थेरेपिस्ट से कंसल्ट किया और अपने आपको करण पटेल और अंकिता भार्गव जैसे दोस्तों के आसपास रखा, जो कि मेरे साथ खड़े थे। मैंने पेंटिंग, मेडिटेशन और राइटिंग में भी वक्त बिताया।" इसके साथ शार्दूल ने यह भी कहा कि वे अभी भी डिप्रेशन से रिकवर हो रहे हैं।
घर लौटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था
शार्दूल की मानें तो मुंबई जैसे महंगे शहर में गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो रहा था और उनके पास अपने होम टाउन लौटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। वे कहते हैं, "मैं मुंबई नहीं छोड़ना चाहता था। लेकिन मेरे पास कोई च्वॉइस नहीं बची थी। मैं काम करूं या नहीं, मुझे किराया तो देना ही होगा और दूसरे खर्चे भी उठाने पड़ेंगे।"
इंडस्ट्री के नॉर्म्स एक्टर्स पर भारी
शार्दूल की मानें तो टीवी इंडस्ट्री के नॉर्म्स एक्टर्स पर भारी पड़ते हैं। वे कहते हैं, "अगर मुझे कोई प्रोजेक्ट कल मिल भी गया तो इंडस्ट्री के नॉर्म्स के मुताबिक, मुझे इसका पेमेंट तीन महीने बाद मिलना शुरू होगा। टीवी आर्टिस्ट्स के लिए इंतजार की अवधि कमर तोड़ने वाली होती है। क्योंकि उनके खर्चे कभी बंद नहीं होते।"
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