टीवी सेलेब्स ने बताया निजी और व्यवसायिक जीवन में उनके लिए कितना मायने रखती है हिंदी भाषा
14 सितंबर को देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर हमने इस भाषा के अपने जीवन में महत्व को लेकर टीवी इंडस्ट्री के कई सेलेब्स से बात की और उनसे जानना चाहा कि हिंदी भाषा उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा,
रिशिना कंधारी:
'मुझे अपनी हिंदी भाषा से प्यार है और मुझे भारतीय होने पर बहुत गर्व है। मैं हिंदी में बोलना काफी पसंद करती हूं लेकिन कभी-कभी कुछ स्थानों पर हिंदी में बोलना संभव नहीं होता है। हालांकि मैं अपनी बेटी के साथ हिंदी में बात करने की कोशिश करती हूं क्योंकि वो स्कूल में अंग्रेजी बोलती है। मुझे गर्व महसूस होता है कि मेरी हिंदी भाषा बहुत अच्छी है। मैंने हिंदी की कई किताबें और उपन्यास पढ़े हैं। मैं चाहती हूं कि स्कूल में हिंदी एक वैकल्पिक विषय ना हो, बल्कि एक अनिवार्य विषय होना चाहिए। क्योंकि आने वाले दिनों में भाषा को जानना बहुत जरूरी और आवश्यक हो जाएगा। मैं चाहती हूं कि हमारी अगली पीढ़ी शुद्ध हिंदी सीखे और इसलिए हमें हिंदी भाषा के बारे में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।'
अनिरुद्ध दवे:
'मैं एक हिंदी भाषी व्यक्ति हूं, मुझे अपनी भाषा बहुत पसंद है। मैं हिंदी में ही बात करता हूं और वास्तव में मेरे 90 प्रतिशत ट्वीट भी हिंदी में हैं। राष्ट्र भाषा पर हमारी कमांड होना बहुत आवश्यक है। अगर कोई मुझे हिंदी में एक चरित्र की व्याख्या करता है, तो यह अच्छा लगता है क्योंकि आखिरकार हमें केवल हिंदी में अभिनय करना होगा। मैंने हिंदी की कहानियां और उपन्यास पढ़े हैं। मैंने 300 से अधिक किताबें पढ़ी हैं और लॉकडाउन के दौरान भी मैंने बहुत कुछ पढ़ा। हर साल हिंदी दिवस पर मैं एक कविता लिखता हूं और इस साल भी मैं उसे लिखकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करूंगा।'
रोहिताश्व गौर:
'हिंदी भाषा हम सभी को एक धागे में पिरोती है। घर और कामकाज, दोनों जगह हिंदी मेरी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। छात्र जीवन में यह मेरा पसंदीदा विषय था। मैं अपने बच्चों को हिंदी में बातचीत के लिए प्रोत्साहित करता हूं, क्योंकि भाषा पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे साथ चलती है।'
कामना पाठक:
'मैंने हिंदी साहित्य में ऑनर्स किया है और मुझे बेहद गर्व है कि मैं यह भाषा जानती हूं। मैंने तो एक नाटक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिंदी का प्रतिनिधित्व किया है। मेरे शिक्षकों ने मुझे भाषा में सहज महसूस कराया।'
शुभांगी अत्रे:
'मेरी मां ने मुझे हिंदी सिखाई, और यही कारण है कि मैं भाषा में बहुत अच्छी हूं। मुझे अपने हिंदीभाषी होने पर गर्व है और मेरा ख्याल है कि सभी को ऐसा ही महसूस करना चाहिए।'
निशांत मलकानी:
'मैं व्यक्तिगत रूप से हिंदी के बहुत करीब हूं। जब भी मुझे सेट पर स्क्रिप्ट मिलती है तो मैं अक्सर लोगों से उसे देवनागरी में देने का अनुरोध करता हूं क्योंकि रोमन अंग्रेजी में पढ़ने के बाद आपको उसी तरह की भावनाएं उत्पन्न नहीं होती हैं। एक अभिनेता के रूप में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप हिंदी के साथ बहुत सहज हों जैसे कि यह आपकी पहली भाषा है। इन दिनों, एक फैशन है कि यदि आप अंग्रेजी नहीं जानते हैं तो आपको जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होगा लेकिन मुझे लगता है कि आप जितनी अधिक भाषाओं को जानते हैं, आप अधिक सफल होंगे। मुझे लगता है कि स्कूलों में अंग्रेजी और हिंदी को समान महत्व दिया जाना चाहिए।'
सवि ठाकुर:
'हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है, इसलिए मुझे लगता है कि हर किसी को इस भाषा में परिपूर्ण होना चाहिए। आजकल हम ऐसे लोगों को जज करते हैं जो हिंदी में बात नहीं कर सकते हैं, जो कि बहुत गलत है। मुझे लगता है कि हमें अपनी राष्ट्रीय भाषा को प्राथमिकता देनी चाहिए। मैं यह नहीं कह रही हूं कि अन्य भाषाओं को सीखना बुरा है, लेकिन भारत में कम से कम अपने लोगों के साथ हमें हिंदी में बात करना चाहिए। लोग सोचते हैं कि यदि कोई अंग्रेजी नहीं जानता है, तो उसे कुछ भी नहीं पता है। लेकिन हमें उन्हें इस पर जज नहीं करना चाहिए।'
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