रिया चक्रवर्ती की जेल से रिहाई पर बोलीं सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता, भले ही अभी सारे जवाब न मिलें हों लेकिन हमारे पास अभी भी धैर्य, हिम्मत और विश्वास है
सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस से जुड़े ड्रग्स मामले में उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती को जमानत मिल गई है। 28 दिन तक जेल की हवा खाने के बाद रिया 7 अक्टूबर को रिहा होकर अपने घर पहुंची। उनकी रिहाई के बाद सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक पोस्ट शेयर की है।
पोस्ट में श्वेता ने ब्राजीलियन नॉवेलिस्ट पाउलो कोएलो का कोट शेयर करते हुए लिखा, ''हमें अभी तक हमारे सभी सवालों का जवाब नहीं मिले। लेकिन, हमारे पास अभी भी धैर्य, हिम्मत और विश्वास और भगवान हैं।''
श्वेता द्वारा शेयर किए गए कोट में लिखा था, ''हमें धैर्य के साथ सबसे कठिन समय में भरोसा बनाए रखना चाहिए। ये हमें निराश ना होने की हिम्मत देता है।''
सुशांत की मौत के बाद से ही श्वेता उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर कई कैम्पेन चला रही हैं। उनकी इस पोस्ट से साफ जाहिर है कि वो रिया की रिहाई से खुश नहीं हैं लेकिन वह हिम्मत भी नहीं हार रही हैं।
सुशांत के पिता ने दर्ज कराया है धोखाधड़ी का केस
सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती के खिलाफ 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस पटना के राजीव नगर थाने में दर्ज करवाया था। इसे आधार मानते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।
इस मामले में एक्ट्रेस से तीन बार पूछताछ की जा चुकी है। हालांकि, ईडी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की है। इसी केस की जांच के दौरान सुशांत के बैंक खाते का फॉरेंसिक ऑडिट भी किया गया।
सुशांत के बैंक खाते की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में भी कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन होना नहीं पाया गया। हाल ही में सामने आई खबरों के मुताबिक सुशांत के सभी बैंक खातों में पिछले 5 साल के दौरान 70 करोड़ का लेन-देन हुआ, जिसमें से सिर्फ 55 लाख रुपए ही रिया चक्रवर्ती से जुड़े पाए गए हैं। ज्यादातर पैसा यात्रा, स्पा और गिफ्ट खरीदने पर खर्च किया गया था।
परिवार के वकील ने रिया को कहा-मास्टरमाइंड
सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह के बेटे वरुण सिंह ने रिया की जमानत पर कहा, चूंकि मास्टरमाइंड (रिया) अभी जमानत पर बाहर है। यह एनसीबी और सुशांत मामले के लिए एक बड़ा झटका है। एजेंसी देश में 1.35 लाख करोड़ के ड्रग सिंडिकेट को लेकर जांच कर रही थी, ऐसे में जो लोग इस अपराध सिंडिकेट के सदस्य हैं उन्हें इससे बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी हो सकती है और गवाहों को प्रभावित करने का काम भी हो सकता है।
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