ओटीटी प्लेटफॉर्म के मुकाबले अब भी टीवी का पलड़ा भारी, सेलेब्स बोले- 'टीवी ने ही परिवार को एक साथ मनोरंजन दिया है'
आज विश्व टेलीविजन दिवस है। इस खास मौके पर टेलीविजन की कुछ जानी-मानी हस्तियों ने बताया कि भले ही मनोरंजन का रुख डिजिटल माध्यम की ओर रुख हो गया हो लेकिन टेलीविजन देखना का अपना ही मजा है। आइये जानते है टीवी सेलेब्स का क्या मानना है-
विजयेंद्र कुमेरिया: यह सच है कि पिछले कुछ वर्षों में टेलीविजन के दर्शकों की संख्या पर प्रभाव पड़ा है क्योंकि बहुत से लोगों ने मनोरंजन के लिए डिजिटल माध्यम की ओर रुख कर लिया है क्योंकि वहां ऑन डिमांड आपको मनोरंजन मिलता है, लेकिन अभी भी एक बड़ा घरेलू दर्शक वर्ग है जो मनोरंजन के लिए अपने टेलीविजन पर ही निर्भर है। आने वाले वर्षों में मनोरंजन के माध्यमों में और बदलाव आएगा लेकिन टेलीविजन मनोरंजन का एक भूला हुआ माध्यम नहीं बनने वाला है। हाल के वर्षों में तो बिल्कुल भी नहीं।
मेरा सौभाग्य है कि मेरे जन्म से पहले ही मेरे परिवार के पास एक टेलीविजन सेट था, मुझे अभी भी याद है कि उसमें बहुत कम चैनल थे और वह एक एंटीना और डिश मैकेनिज्म पर काम करता था, जब हमने नया टीवी लिया जिसमें लगभग 100 चैनल के विकल्प थे।उसको देखकर हम सभी कहते थे कि यह पूरी तरह से वेस्ट है क्योंकि हम अधिक से अधिक 15 चैनल ही देख पाते हैं। मौजूदा समय की बात करें तो हमें पता ही नहीं कि कितने चैनल हैं।
सुबुही जोशी: आजकल लोग मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल करते हैं लेकिन आज भी मैं हर रात टीवी देखते हुए ही सोती हूं अगर मैं धारावाहिक नहीं देखती हूं तो मैं इंटरनेट कनेक्ट करती हूं और कुछ देख लेती हूं लेकिन टीवी पर ही देखती हूं। टीवी पर मेरा ऑल टाइम फेवरेट शो फ्रेंड्स रहा है। मुझे लगता है कि यह मेरा नहीं कई लोगों का पसंदीदा शो है। मैंने इस शो को लगभग 8 बार देखा है और अभी भी मैं जब फ्री होती हूं तो यह शो देख लेती हूं। जब टीवी मेरे घर पर आया था, मैं बहुत छोटी थी। वह मेरे लिए चकित हो जानेवाला पल था क्योंकि मुझे नहीं पता था कि टीवी मेरे घर आ रहा है। जब टीवी घर पर आया तो मैं बहुत उत्साहित थी और अब भी मैं टीवी देखने के लिए उत्साहित ही रहती हूं।
सानंद वर्मा : टेलीविजन कभी खत्म नहीं होना चाहिए क्योंकि परिवार को एक साथ देखने के लिए टेलीविजन ही चाहिए। टेलीविजन ऐसा माध्यम है जिसे बहुत से लोग एक साथ देख सकते हैं। आज पूरा परिवार एक साथ बैठकर वेब कंटेंट नहीं देख सकता है, लेकिन टीवी शोज ऐसे हैं जिन्हें हम पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं। हमारा देश पारिवारिक देश है इसलिए टेलीविजन का अस्तित्व है। अब स्मार्ट टीवी अस्तित्व में आ गए हैं, वहां हम अपनी पसंद के अनुसार कंटेंट देख सकते हैं।
टेलीविजन कंटेंट हमेशा ही चलेंगे क्योंकि टेलीविजन दूसरे एंटरटेनमेंट माध्यमों की तुलना में सबसे मजबूत माध्यम है। हमारी जनसंख्या बहुत बड़ी है और इंटरनेट की पहुंच अभी भी अन्य देशों की तुलना में हमारे यहां बहुत कम है। पूरे देश में इंटरनेट का प्रसार लगभग असंभव है। हम आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है।
हर घर में इंटरनेट होने का मतलब है परिवारों का आर्थिक रूप से मजबूत होना, तभी हम ओटीटी प्लेटफॉर्म देख सकते हैं। टेलीविजन की अपनी अलग जगह है। जिसे कोई भी नहीं ले सकता है। टेलीविजन किंग है और हमेशा राजा की तरह शासन करेगा। मेरा ऑल टाइम फेवरेट टेलीविजन शो भाबीजी घर पर हैं है। जब मेरे पिता ने टेलीविजन सेट खरीदा था तो मैं बहुत छोटा था और उस समय रामायण के अलावा, हम लोग और ये जो है जिंदगी टेलीकास्ट हुआ करता था।
डेलनाज ईरानी: मेरा विश्वास करो कि अभी भी बहुत से लोग हैं जो अभी टेलीविजन देखने के दीवाने है। यदि आप मेरी मां से पूछते हैं कि हमने उसे नेटफ्लिक्स और अन्य ओटीटी प्लेटफार्मों का सब्सक्रिप्शन करें तो वह कहती है कि मैं टेलीविजन से बहुत खुश हूं। बहुत से लोग मेरी मां को पसंद करते हैं जो अभी भी टीवी शो से जुड़ी हैं। यदि आप टीवी पर अच्छे कंटेंट देते हैं तो टीवी से बेहतर मनोरंजन का कोई विकल्प नहीं है। मुझे लगता है कि टीवी लोगों के जीवन का हिस्सा है। मैं टेलीविजन का सम्मान करती हूं क्योंकि मैं इसी के माध्यम से कमाती हूं। मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं टीवी अभिनेत्री हूं और इसने मुझे सब कुछ दिया है।
मुझे स्पष्ट रूप से याद है कि हम बहुत छोटे थे और हमारे पास ब्लैक एंड व्हाइट टीवी था जिसे लेकर हम बहुत उत्साहित थे। 'येस बॉस' मेरा सबसे पसंदीदा शो था जो नौ वर्षों तक चला। मैं ज्यादातर अपना शो नहीं देखती थी लेकिन हां 'येस बॉस' एक शो था जिसे मैं देखती थी। मुझे सभी कॉमेडी शो बहुत पसंद हैं।
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